तुम से लागी लगन, ले लो अपनी शरण, पारस प्यारा,
मेटो मेटो जी संकट हमारा ||
निशदिन तुमको जपूँ, पर से नेह तजूँ, जीवन सारा,
तेरे चरणों में बीत हमारा ||
पारस प्यारा,मेटो मेटो जी संकट हमारा ||
अश्वसेन के राजदुलारे, वामा देवी के सुत प्राण प्यारे||
सबसे नेह तोड़ा, जग से मुँह को मोड़ा, संयम धारा ||
मेटो मेटो जी संकट हमारा ||
इंद्र और धरणेन्द्र भी आए, देवी पद्मावती मंगल गाए ||
आशा पूरो सदा, दुःख नहीं पावे कदा, सेवक थारा ||
मेटो मेटो जी संकट हमारा ||
जग के दुःख की तो परवाह नहीं है, स्वर्ग सुख की भी चाह नहीं है||
मेटो जामन मरण, होवे ऐसा यतन, पारस प्यारा ||
मेटो मेटो जी संकट हमारा ||
लाखों बार तुम्हें शीश नवाऊँ, जग के नाथ तुम्हें कैसे पाऊँ ||
भक्त व्याकुल भया, दर्शन बिन ये जिया लागे खारा ||
मेटो मेटो जी संकट हमारा ||
तुम से लागी लगन, ले लो अपनी शरण, पारस प्यारा,
मेटो मेटो जी संकट हमारा ||
*****